श्री श्री रविशंकर यांनी सखोल, अधिक आनंदी आयुष्य जगण्यासाठी तंत्र आणि साधने प्रदान करणारे कोर्स स्थापित केले आहेत. त्यांनी अश्या ना-नफा संस्था स्थापित केल्या आहेत ज्या वंश, राष्ट्रीयत्व आणि धर्माच्या सीमेवरील समान मानवी ओळख ओळखतात. जगातील लोकांना उन्नत करणे, तणाव कमी करणे आणि नेते विकसित करणे हे त्यांचे लक्ष्य आहे जेणेकरुन लोक आणि समाजात मानवी मूल्ये भरभराट होऊ शकतात. Sri Sri Ravi Shankar has founded courses that provide techniques and tools to live a deeper, more joyous life. He has established nonprofit organizations that recognize a common human identity above the boundaries of race, nationality and religion. His goal is to uplift people around the globe, to reduce stress, and to develop leaders so that human values can flourish in people and communities.


छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए येल और BIDMC (बीआईडीएमसी) स्वतंत्र रूप से सुदर्शन क्रिया योग (SKY) का समर्थन करते हैं | Yale & BIDMC independently endorse Sudarshan Kriya Yoga (SKY) for boosting mental health of students

सेवा और सामाजिक कार्यक्रम


छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए येल और BIDMC (बीआईडीएमसी) स्वतंत्र रूप से सुदर्शन क्रिया योग (SKY) का समर्थन करते हैं | Yale & BIDMC independently endorse Sudarshan Kriya Yoga (SKY) for boosting mental health of students

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जुलाई 2020

हाल ही में, शोधकर्ताओं ने येल विश्वविद्यालय और बेथ इज़राइल डेकोनेस मेडिकल सेंटर (BIDMC) में स्वतंत्र रूप से शोध निष्कर्ष प्रकाशित किए, जिसमें तनाव प्रबंधन उपकरण के रूप में श्री श्री रविशंकर के सुदर्शन क्रिया योग (SKY) तकनीक की प्रभावकारिता का उल्‍लेख किया गया है।

सुदर्शन क्रिया योग कैंपस हैप्पीनेस रिट्रीट में येल ने पाया कि इससे तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) कम हुआ है, साथ ही छ: प्रमुख क्षेत्रों में सुधार देखने को मिला है। इसी प्रकार BIDMC ने सेल्‍फ रिपोर्ट एवं हृदय गति संबंधी आंकड़ों को देखते हुए पाया कि ‘’इससे प्रतिभागियों में तनाव से उबरने की क्षमता में सुधार हुआ है।”

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अध्ययन सारांश | Study summaries

येल अध्ययन | The Yale study

135 स्नातक अध्‍ययनरत छात्रों पर यादृच्छिक रूप से किए गए एक नियंत्रित परीक्षण में, येल चाइल्ड स्टडी सेंटर और येल सेंटर फॉर इमोशनल इंटेलिजेंस (YCEI) के शोध दलों ने आठ सप्ताह (30 घंटे) तक तीन कक्षा-आधारित वेलनेस प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया और परिणामों की तुलना एक सामान्‍य / गैर-हस्तक्षेप (नॉन-इंटरवेंशन) नियंत्रित समूह से की।

शोधकर्ताओं ने कहा, “नियंत्रित समूह की तुलना में, जिन छात्रों ने आर्ट ऑफ लिविंग के अनुकूलन (रेजिलिएंश) प्रशिक्षण कार्यशाला के एक भाग के रूप में सुदर्शन क्रिया जैसे श्‍वसन तकनीक एवं अन्‍य डायाफ्रामिक श्‍वसन क्रियाओं का अभ्‍यास किया तथा सेवा कार्यों में लगे रहे, में सबसे ज्‍यादा प्रभाव दिखा, जिनमें से निम्‍न छ: परिणाम मुख्‍य हैं’’ :

  • अवसाद (डिप्रेशन)
  • तनाव मुक्ति
  • मानसिक स्वास्थ्य
  • सचेतनता / सजगता
  • सकारात्मक प्रभाव
  • सामाजिक जुड़ाव
  • सुदर्शन क्रिया योग कार्यक्रम की एक प्रतिभागी जो कि अन्ना विल्किंसन, 22 B.A. ने कहा कि वह प्रशिक्षण से पहले श्‍वसन व्यायामों के सकारात्मक लाभों से परिचित नहीं थीं, लेकिन अब नियमित रूप से इस तकनीक का अभ्‍यास करती हैं। विल्किंसन ने कहा, “मुझे महसूस ही नहीं हुआ कि यह शरीर विज्ञान का कितना बड़ा हिस्‍सा है! हम श्‍वास से कैसे अपने भीतर की चीजों को नियंत्रित करते हैं।” “श्‍वसन क्रिया एवं ध्‍यान से मैं पहले की तुलना में ज्‍यादा प्रसन्‍न एवं संतुलित व्‍यक्ति के रूप में विकसित हुई हूँ, जिसकी मैंने कभी कल्‍पना भी नहीं की थी।”
  • सुदर्शन क्रिया योग कैंपस हैप्पीनेस कार्यक्रम की एक अन्य प्रतिभागी, येल ट्रैक टीम के एक सदस्या, ‘22B.A. डेवोरने लिंडो ने कहा कि श्वास तकनीकों के अभ्यास ने उन्हें शैक्षणिक एवं एथलेटिक्स, दोनों क्षेत्रों के तनावों का प्रबंधन करने में मदद की है। लिंडो ने कहा “चूंकि अब जबकि मेरे पास मदद करने के लिए ये तकनीकें हैं, तो मैं कहूंगी कि मेरी मानसिकता बहुत स्वस्थ है।” “मैं अब टूटने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाई करने के लिए समय दे पाउंगी। मेरी दौड़ने की क्षमता में सुधार हुआ है। अब समय कम लग रहा है।”

BIDMC अध्ययन | The BIDMC study

विश्वविद्यालय के छात्रों को तनाव से निपटना सिखाने के लिए डिज़ाइन की गई दो जीवन कौशल कार्यशालाओं के एक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण में, जब शोधकर्ताओं ने सेल्‍फ रिपोर्ट एवं हृदय गति संबंधी आंकड़ों की, तनाव पर कॉगनेटिव एप्रोच रखने वाली एक कार्यशाला से तुलना की तो पाया कि यौगिक श्‍वसन पर आधारित कार्यक्रम एवं ध्‍यानाधारित ऐसा अभ्‍यास जिसमें श्‍वास का धीमा और तेज पैटर्न शामिल है, से प्रतिभागियों में तनाव से लड़ने की क्षमता में सुधार हुआ है। ये निष्कर्ष अमेरिकन कॉलेज स्वास्थ्य जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

अनुकूलता (रेजिलेंस) प्राप्‍त करने के लिए एक बहुमूल्‍य उपाय | A valuable tool to build resiliency

फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री में रिपोर्ट की गई एवं येल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उल्‍ि‍लखित येल निष्कर्ष के अनुसार ‘इस तरह के अनुकूलन (रेजिलेंसी) प्रशिक्षण कार्यक्रम, विश्वविद्यालय परिसरों में मानसिक स्वास्थ्य समस्‍याओं को दूर करने के लिए एक बहुमूल्‍य साधन साबित हो सकते हैं।’

येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में महिला नेतृत्व कार्यक्रम की प्रमुख लेखक एवं संकाय निदेशक, एमा सेप्पला ने कहा, “शैक्षणिक कौशल के अलावा, हमें छात्रों को संतुलित जीवन जीने की शिक्षा देने की जरूरत है। पिछले 10 वर्षों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट आई है।”

शोधकर्ताओं ने कहा कि इस तरह के अनुकूलन (रेजिलेंसी) प्रशिक्षण उपाय, कैंपस काउंसलिंग केंद्रों के बोझ को सीधे कम कर सकते हैं। वर्तमान में मिशिगन विश्वविद्यालय में पीएच.डी.की छात्रा एवं को-फर्स्‍ट ऑथर क्रिस्टीना ब्रैडले 16 B.S. ने कहा, ‘’विद्यार्थियों ने वह उपाय सीखे हैं जिसे वे जीवन भर अपने जीवन में सुधार लाने एवं मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

BIDMC में न्यूरोलॉजी विभाग में पीएचडी के रिसर्च फेलो माइकल आर. गोल्डस्टीन, जिन्होंने दूसरे शोध का नेतृत्व किया था, ने कहा, “हमने तनाव प्रबंधन पर विपरीत एप्रोच रखने वाली दो वेलनेस कार्यशालाओं, जो कि प्रतिभागियों में लोकप्रिय थीं, के प्रभावों की जांच की। दोनों में से एक, जिसमें यौगिक श्‍वसन क्रिया शामिल थी, के लाभ कॉगनेटिव कार्यशाला की तुलना में ज्‍यादा सशक्‍त, दीर्घकालिक एवं वेलनेस के ज्‍यादा स्‍पष्‍ट उपाय प्रदान करने वाले थे।”

तनाव मुक्ति और प्रसन्‍नता का श्‍वास से क्‍या संबंध है ? | How does breathing relate to stress-relief and happiness?

श्वास, वेगस नर्व जो कि मानव मन और शरीर को प्रभावित करती है, को सक्रिय (एक्टिवेट) कर के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य बढ़ाने में मदद करती है, इसके अलवा ये निम्‍न की वेलनेस में भी सहायक है :

  • मस्तिष्‍क
  • अवसाद एवं चिंता
  • आंत में पाचक रसों का स्राव
  • हृदयगति में परिवर्तनशीलता
  • रक्त शर्करा संतुलन
  • पित्त का उत्पादन
  • वृक्‍क / गुर्दे की कार्य क्षमता
  • महिलाओं में प्रजनन क्षमता
  • स्वाद और लार
  • जुड़ाव की भावना
  • मानसिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य
  • परोपकारी आचरण

वेगस नर्व का उत्तेजित होना सीधे ही हमारी वेलनेस (संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य) पर प्रभाव डालता है। हमारा वेगल टोन जितना ज्‍यादा बेहतर होगा हम उतने ही ज्‍यादा प्रसन्‍न एवं स्‍वास्‍थ होंगे। कोई भी अभ्यास जो वेगस नर्व की उत्तेजना को बढ़ाता है, वह शरीर और मन के संबंध में सुधार लाता है क्‍योंकि वेगस नर्व, शरीर और मन के मध्‍य की कड़ी को भौतिक रूप से जोड़ती है।

ऐसा पाया गया है कि गहरी डायाफ्रामिक श्वास या सुदर्शन क्रिया योग जैसी सरल तकनीकें वेगस नर्व को सक्रिय करती हैं।

सुदर्शन क्रिया योग के बारे में और जानकारी |
More about SKY

सुदर्शन क्रिया एक शक्तिशाली लयबद्ध साँस लेने की तकनीक है, जो हमारी कोशिकाओं के स्तर पर तनाव और भावनात्मक विषाक्त पदार्थों को समाप्त करती है।

अनुसंधान दर्शाते हैं कि यह तकनीक, निद्रा चक्र को बेहतर बनाने, ऑक्सीटोसिन जैसे प्रसन्‍नता बढ़ाने या अच्‍छा महसूस कराने वाले हार्मोन के स्राव में सुधार करने और साथ ही कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन के स्राव को कम करने में मदद करती है। इससे बेहतर नींद, अधिक प्रतिरोधक शक्ति और जागरूकता बढ़ती है।