Sri Sri Ravi Shankar has founded courses that provide techniques and tools to live a deeper, more joyous life. He has established nonprofit organizations that recognize a common human identity above the boundaries of race, nationality and religion. His goal is to uplift people around the globe, to reduce stress, and to develop leaders so that human values can flourish in people and communities.


गुरुदेव श्री श्री रवि शंकरजी ने कोलंबियावासियों से पुन: शांति स्‍थापित करने का आह्वान किया | Sri Sri Ravi Shankar Calls on Colombians to Give Peace Another Chance

शांति की पहल


गुरुदेव श्री श्री रवि शंकरजी  ने कोलंबियावासियों से पुन: शांति स्‍थापित करने का आह्वान किया | Sri Sri Ravi Shankar Calls on Colombians to Give Peace Another Chance

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सितम्बर २, 2019
वाशिंगटन डीसी, यूएसए

जून 2015 में, कोलंबिया के सबसे बड़े विद्रोही समूह फार्क (FARC) के नेताओं ने आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस आयोजन के दौरान, फार्क (FARC) ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे सामाजिक न्याय प्राप्त करने के लिए अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांतों को अपनाएंगे।

विद्रोही समूह FARC द्वारा एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग तीन वर्षों पश्‍चात हाल ही में समूह ने दुबारा हथियार उठा कर हिंसा का सहारा लेते हुए बदला लेने की घोषणा की थी।

FARC और कोलम्बिया सरकार के साथ संवाद के दौरान गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी ने FARC कमांडर इवान मर्केज़ और कोलंबिया के राष्ट्रपति इवान दुके से एक बार पुन: शांति स्‍थापित करने की अपील की।

श्री श्री ने दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया।

श्री श्री ने कहा कि “दोनों पक्षों के बीच शांति बहाल करने के लिए की गई कड़ी मेहनत बेकार चली गई। यह देखकर दुख होता है कि जिन मुद्दों को आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था, उनके लिए शांति भंग हो रही है।‘’

पिछले तीन वर्षों से शांति बनी रहने के कारण कोलंबिया ने महत्वपूर्ण आर्थिक प्रगति की है एवं अपने नागरिकों की सुरक्षा में सुधार किया है। दुर्भाग्यवश, देश फिर से अपने काले दिनों की ओर वापस लौट रहा है।

श्री श्री ने दोनों पक्षों से हिंसा से दूर रह कर कोलंबिया में स्थायी शांति लाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने की अपील की।

गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी ने कहा, “मैं दिन-प्रतिदिन बढ़ रही दरार को पाटने और किसी भी तरह की मदद हेतु हर तरह की भूमिका निभाने के लिए अपने आपको प्रस्‍तुत करता हूँ।”

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