पुनर्विचार का समय : भगवे की लहर तथा धर्मनिरपेक्षता का पतन | Time to rethink : Saffron surge and the secular debacle

“जो दिखाई देता है वह नहीं है और जो दिखाई नहीं देता वह है”, यह पुरानी कहावत है, जो कि भारतीय राजनीति का बहुत सही प्रतिपादन करती है। कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) स्वयं...