गणतंत्र दिवस : आध्यात्मिक दृष्टिकोण | A spiritual angle to the Republic Day

हम अपनी माँ के गर्भ में एकांत में नौ महीने बिताते हैं। हमारे जन्म दिन से ही हम समाज के हो जाते है। ३ वर्ष के होने तक, हमारे अपने व्यक्तित्व की पहचान में हम घिरने लगते हैं और हमारा निजी व्यक्तिव बनने लगता है।

गुरु की विस्मयकारी शैली | The strange ways of Gurus

एक बार की बात है, एक गुरु लोगों के समूह को दर्शन दे रहे थे। लोग उनके दर्शन करने आ रहे थे और सिर झुका कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। गुरुदेव अधिकतर समय मौन थे और जब भी कोई आकर उनको अपनी परेशानी बताता...