पुनर्विचार का समय : भगवे की लहर तथा धर्मनिरपेक्षता का पतन | Time to rethink : Saffron surge and the secular debacle

“जो दिखाई देता है वह नहीं है और जो दिखाई नहीं देता वह है”, यह पुरानी कहावत है, जो कि भारतीय राजनीति का बहुत सही प्रतिपादन करती है। कांग्रेस के नेतृत्व में यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) स्वयं...

आओ दौड़ शुरू करते हैं…पर जल्दी! | Let the race begin… but early!

भारत में जब भी चुनाव आयोजित होते हैं, उस समय देश को भ्रष्टाचार, दल बदल, विद्रोह, अराजकता, अपराध और भ्रम के दलदल में फेंक दिया जाता है। अक्सर उम्मीदवारों के नाम अंतिम चरण में घोषित किए जाते हैं और बहुत...