कार्य की सिद्धि सत्व से होती है

 

तुम्हारे जीवन में जितना ही सत्व उभरता है, उतनी आसानी से तुम्हारे कार्य पूरे होते जाते हैं। हमारे भीतर का सत्व और पवित्रता, हमारे कार्यों की पूर्णता निर्धारित करते हैं।

 

अगर तुम बहुत मेहनत कर रहे हो, और परिणाम तुम्हारी उम्मीद से कम है, तो इसका अर्थ हुआ कि जीवन में सत्व और पवित्रता की कमी है। जब हम ध्यान करते हैं, तो हमारे कार्य आसानी से पूरे होते हैं। तुम में से कितनों को इसका अनुभव है? (लोगों ने हाथ उठाया।)

 

लोगों को इस राज़ का पता नहीं है। वे सोचते हैं कि ध्यान में क्यों २०-३० मिनट गंवायें, जबकि उस समय में कोई और कार्य किया जा सकता हैं। जब भी समय मिले, ध्यान करना बहुत आवश्यक है, ताकि तुम अपने कार्य आसानी से और कुशलता से पूरे कर सको।